जो लोग शेअर बाजार को पूरी तरह जानते नहीं है, लेकिन जिन्हें शेअर बाजार मे संपत्ति निर्माण कि तकाद मालूम है. मगर शेअर बाजार मे समय ना होने के कारन या पूरी जानकारी न होने के कारन निवेश नहीं कर पाते है, ऐसे लोग म्युचुअल फंड के माध्यम से निवेश कर सकते है और इस का लाभ भी उठा सकते है.

बहुत सारे लोग मानते है कि शेअर बाजार मे अपनी पूंजी कम होनेकी जोखिम होती है, और इसी कारन ऐसे लोग इसमें निवेश नहीं करते है.  यह बात सही है कि शेअर बाजार मे उतार और चढाव होते ही है, यही वजह कि यहासे आप जादा पैसा भी कम सकते हो.  कम समय मे आपके निवेश का मूल्य कम भी हो सकता है, लेकिन पिछले २०० सालों का इतिहास गवाह है कि इसी माध्यम मे अगर आप लम्बे समय तक निवेश को रखते हो तो इसमे वेल्थ याने कि संपत्ति निर्मान करनेकी बड़ी ताकत भी है.  सामान्य परिवार भी इस माध्यम से सिर्फ करोडपति ही नहीं बल्कि अब्जोपति भी बन सकता है.  इसके लिए आपके पास सिर्फ सयंम होना जरुरी है, जब बाजार निचे आता है और अगर आपके निवेश का मूल्य कम होता है तो आप अपना पैसा निकालना नहीं चाहिए बल्कि हो सके तो इसी समय को एक मौका समजकर अपने पास जो अतिरिक्त पैसा हो उसे निवेश करना चाहिए. अर्थशास्त्र का एक सामान्य नियम है को कोई भी चीज कि कीमत कायम स्थिर नहीं रहती है बल्कि वह कम या जादा डिमांड और सप्लाय के कारन हो जाती है, लेकिन जिसकी कीमत बढ़ाने के बाद कम होती है उसकी कीमत फिर डिमांड बढ़तेहि फिर ऊपर जाती है और डिमांड कम होतेही कीमत फिर कम होती है, यह चक्र नियमित रूपसे चलता ही है.

 

 

 

 

 

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महोदय,

आपका इमेल हमे प्राप्त हुआ है, धन्यवाद, आप हमसे म्युचुअल फंड की जानकारी प्राप्त करना चाहते है, यह अच्छी बात है. वैसे तो हमने हमारी हिंदी वेबसाइट www.mutualfundhindi.in पर म्युचुअल फंड की सारी विस्तृत जानकारी प्रदान की है. लेकिन जो की आप चाहते हो इसलिए हम इस बारेमे संक्षिप्त में जानकारी निचे देते है, इसे ध्यानपूर्वक पढ़िए और समझ लीजिए:

म्युचुअल फण्ड क्या है?
म्युचुअल फंड एक निवेश्का अच्छा माध्यम है. म्युचुअल फंड में बहुत प्रकारके योजनाए होती है. इसमें इक्विटी और डेब्ट योजनाए होती है. आप जैसे बहुत सारे लोग म्युचुअल फंड के योजनामे निवेश करते है, इसके जरिये जो पैसा योजना में जमा होता है, उसे योजनाके फंड मेनेजर, योजनाके उद्देशके अनुसार इक्विटी और डेब्ट सिक्युरिटीज में निवेश करते है. फंड मनेजर्स इस विषयमे माहिर होते है. ऐसा निवेश करनेके बाद जो नफा या नुकसान होता है सभी निवेशाकोंमे उनके हिस्सेदारी के अनुसार बांटा जाता है. जब आप कोईभी म्युचुअल फंड के योजनामे निवेश करते हो तो उस दिन की एन.ए.व्ही. के अनुसार आपको यूनिट्स दिए जाते है, इन यूनिट्स के आप मालिक होते है, अगर योजनामे नफा होता है तो एन.ए.व्ही. बढ़ जाती है और आपकोभी फायदा बनता है, अगर योजनामे नुकसान होता है तो एन.ए.व्ही. कम हो जाती है तो आपको नुकसान हो जाता है. एन.ए.व्ही. का मतलब है नेट असेट व्हॅल्यू यह हररोज बदलती रहती है. समजलिजिए आपने किसी एक दिन म्युचुअल फंड के किसी एक योजना में रु.१,००,०००/- निवेश किया है, उस दिन उस योजना की एन.ए.व्ही. रु.४८.९२ इतनी है, तो १००००० को ४८.९२ से विभाजित करने के बाद २०४४.१५ यूनिट्स आपको जारी की जायेंगे, अभी आप इन २०४४.१५ यूनिट्स के इस योजनामें मालिक बन गए. अब मानो की एक साल बाद इस योजना में अच्छा खांसा २०% जा फायदा हुंवा तो एक साल बाद एक यूनिट की कीमत हो जाएगी रु.५८.७० और आपके निवेश का मूल्य हो जायेगा (२०४४.१५ यूनिट्स X ५८.७० एन.ए.व्ही.) रु.१,२०,००००/- यानि की अगर आप उस दिन अपने यूनिट्स बेचकर पैसा निकलते हो तो आपको रु.२००००/- का फायदा हो जायेगा. इसके विपरीत अगर योजनामें मानो एक साल बाद ५% का घाटा होता है तो एक यूनिट की कीमत घटकर ४६.४७४ हो जाएगी और आपके निवेश का मूल्य बन जायेगा (२०४४.१५ X ४६.४७४) रु.९५,०००/-. एक बात ध्यानमे रखना जरुरी होती है की जबतक आप अपना पैसा योजनासे निकलते नहीं हो तबतक आपको न घाटा होता है न मुनाफा, इसलिए जब मुनाफा होता है वह भी सालाना २०% से जादा तभी आपको जरुरत हो तो पैसा निकाल लेना घाटे मत निकालना, यह बात मनमे पक्की तरहसे बिठा लेना. कोईभी म्युचुअल फंड स्किमसे लम्बी अवधि में नफा होता ही है. जरुरत होती है अपने ऊपर सयंम रखनेकी.

लम्बे अवधि में संपत्ति बनानेवाले इक्वटी स्कीम्स:
जादातर लोगोंको इस प्रकारके योजनामे जादा रुची होती है. इक्वटी स्किम के अनेक प्रकारके योजनाएं होती है, लेकिन इन योजनओं में किया गया निवेश योजनाके स्वरूपके अनुसार इक्विटी यानींकी कपनियोंके शेअर्स में निवेश किया जाता है, इसीलिए ऐसे योजनओं में कोई सुनिश्चित प्रतिफल मिलनेकी कोई वादा (गारंटी) नहीं होती है. मगर लम्बे समयमे इस प्रकारके योजनासे सबसे जादा प्रतिफल प्राप्त होनेका सुनहरा मौका होता है. ऐसे योजनओमें लम्बे अवधिमे संपत्ति निर्माण करनेकी ताकत होती है. इक्विटी योजनओंमेंभी कम और जादा जोखिम (रिस्क) के बहुत सारे योजनाए होती है. जिस योजनामे शेअरबाजारमें कम निवेश किया जाता है ऐसे योजनओमें कम जोखिम (रिस्क) होती है और जिस योजना में शेअरबाजारमें जादा निवेश किया जाता है ऐसे योजनओमें जादा जोखिम (रिस्क) होती है. कम जोखिम (रिस्क) यानि कम प्रतिफल और जादा जोखिम (रिस्क) तो जादा प्रतिफल इस बातको अपने दिमाग में फिट कर देना चाहिए. लेकिन आप जितनी जोखिम (रिस्क) उठा सकते हो उस हिसाबसे निवेशकेलिए योजना का चयन करना चाहिए. चलो तो अब इक्विटी स्किम के प्रकार में आनेवाले विविध योजनाओं के बारेमे जान लेते है. यहाँपे जिन योजनाओं में सबसे कम जोखिम (रिस्क) होती है उन्हें पहले और जिन योजनाओं में जादा जोखिम (रिस्क) होती है उन्हें बादमे जानने की कोशिश करते है.

इक्विटी सेव्हिग्स योजनाएं (Equity Savings Schemes):
इस प्रकारकी योजनाओं में इक्विटी याने शेअरबजार में जब मंदी होती है तो सबसे कम याने की सिर्फ १५% निवेश कम्पनीओं के शेअर्स में किया जाता है, ताकि कमसे कम नुकसान हो सके और जब शेअरबजार में तेजी होती है तो कम्पनीओं के शेअर्स में किया जानेवाला निवेश ४०% तक बढाया जाता है, ताकि निवेशकों को जादासे जादा उसका लाभ मिले और २५% से ७५% की रकम अर्बित्राज में बजार की परिस्थितिके अनुसार निवेश किया जाता है अर्बित्राज मतलब एक ही सिक्युरिटी (शेअर) का दाम रोखिमे कम होता है और फ्यूचर्स में जादा होता है तो अर्ब्रित्राज संधी बनती है, ऐसे समय उसे रोखिमे ख़रीदा जाता है और उसी समय फ्यूचर्समें बेचा जाता है तो जितना फर्क़ दो कीमतों में होता है उतनाही फायदा योजनामे बन जाता है, इसमे कोई जोखिम (रिस्क) नहीं होती है. शेष रकम सरकारी रोखे (बांड्स), डिबेंचर्स, कम्पनीके व्दारा जारी किये गए रोखे (बांड्स) और बैंक व्दारा जारी किये गए सर्टिफिकेटस ऑफ़ पेपर्स में निवेश किया जाता है, जिसपर एक सुनिश्चित दरसे ब्याज मिलता है. इस कार्यनीति के वजह इस योजनामे सबसे कम जोखिम (रिस्क) बनती है. ऐसे योजनामे निवेश करके आप सालाना ९% से 10% के टैक्स फ्री प्रतिफल की अपेक्षा कर सकते हो. इस प्रकारकी योजनामे एक या डेड साल बाद नुकसान होनेकी संभावना ना के बराबर होती है. कभी कभी दो या तिन महीने के लिए थोडा नुकसान होनेकी बहुत कम जोखिम (रिस्क) रहती है. आजकल बैंक एफ.डी. पर सालाना ७% से कम ब्याज (प्रतिफल) मिलता है इसलिए इस प्रकारकी योजनाए डेड सालसे दो साल तक के बैंक एफ.डी. के लिए सबसे अच्छा विकल्प मानी जाती है. इस योजना में आप एफ.डी. जैसा एकमुश्त निवेश कर सकते हो या आर.डी. जैसा हर महिना एस.आय.पि. के माध्यमसे भी निवेश कर सकते हो. इस प्रकारकी योजनाए साल २०१४ से शुरू की गई है.

Balanced Advantage Schemes (संतुलित फायदेमंद योजना):
अगर आप ऊपर बताई हुई इक्विटी सेव्हिग्स योजनाएं (Equity Savings Schemes) से थोड़ी जादा जोखिम (रिस्क) लेकर जादा मुनाफा कमानेका मन बनाते हो तो Balanced Advantage Schemes (संतुलित फायदेमंद योजना) आपकेलिए एक अच्छा विकल्प है. इस प्रकारके योजना में इक्विटी याने शेअरबजार में जब मंदी होती है तो सिर्फ ३०% निवेश कम्पनीओं के शेअर्स में किया जाता है, ताकि कमसे कम नुकसान हो सके और जब शेअरबजार में तेजी होती है तो कम्पनीओं के शेअर्स में किया जानेवाला निवेश ८५% तक बढाया जाता है, ताकि निवेशकोंको जादासे जादा उसका लाभ मिले. और बाकी बची रकम अर्बित्राज और रकम सरकारी रोखे (बांड्स), डिबेंचर्स, कम्पनीके व्दारा जारी किये गए रोखे (बांड्स) और बैंक व्दारा जारी किये गए सर्टिफिकेटस ऑफ़ पेपर्स में निवेश किया जाता है, जिसपर एक सुनिश्चित दरसे ब्याज मिलता है. ऐसा सारा निवेश बजार की परिस्थितिके अनुसार किया जाता है. अर्बित्राज मतलब एकही सिक्युरिटी (शेअर) का दाम रोखिमे कम होता है और फ्यूचर्स में जादा होता है तो अर्ब्रित्राज संधी बनती है, ऐसे समय उसे रोखिमे ख़रीदा जाता है और उसी समय फ्यूचर्समें बेचा जाता है तो जितना फर्क़ दो कीमतों में होता है उतनाही फायदा योजनामे बन जाता है, इसमे कोई जोखिम (रिस्क) नहीं होती है. इस कार्यनीति के वजह इस योजनामे सबसे कम जोखिम (रिस्क) बनती है. ऐसे योजनामे निवेश करके आप सालाना 11% से १२% के टैक्स फ्री प्रतिफल की अपेक्षा कर सकते हो. आजकल बैंक एफ.डी. पर सालाना ७% से कम ब्याज (प्रतिफल) मिलता है इसलिए इस प्रकारकी योजनाए तिन सालसे समयके बैंक एफ.डी. के लिए सबसे अच्छा विकल्प मानी जाती है. इस योजना में आप एफ.डी. जैसा एकमुश्त निवेश कर सकते हो या आर.डी. जैसा हर महिना एस.आय.पी. के माध्यमसे भी निवेश कर सकते हो. इस प्रकारकी योजनाए साल २०१४ से शुरू की गई है.

Balanced Fund (संतुलित योजनाए):
अगर आप ऊपर बताई हुई Balanced Advantage Schemes (संतुलित फायदेमंद योजना) से भी थोड़ी जादा जोखिम (रिस्क) लेकर जादा मुनाफा कमानेका मन बनाते हो तो Balanced Fund (संतुलित योजनाए) आपकेलिए एक अच्छा विकल्प है. इस प्रकारके योजना में इक्विटी याने शेअरबजार में कम से कम, किसीभी परिस्थितिमें ६५% निवेश कम्पनीओं के शेअर्स में किया जाता है, और जब शेअरबजार में तेजी होती है तो कम्पनीओं के शेअर्स में किया जानेवाला निवेश ८५% तक बढाया जाता है, ताकि निवेशकोंको जादासे जादा उसका लाभ मिले. और बाकी बची रकम सरकारी रोखे (बांड्स), डिबेंचर्स, कम्पनीके व्दारा जारी किये गए रोखे (बांड्स) और बैंक व्दारा जारी किये गए सर्टिफिकेटस ऑफ़ पेपर्स में निवेश किया जाता है, जिसपर एक सुनिश्चित दरसे ब्याज मिलता है. ऐसा सारा निवेश बजार की परिस्थितिके अनुसार किया जाता है. इस कार्यनीति के वजह इस योजनामे जोखिम (रिस्क) का नियोजन किया जाता है. ऐसे योजनामे निवेश करके आप सालाना 1३% से १५% के टैक्स फ्री प्रतिफल की अपेक्षा कर सकते हो. आजकल बैंक एफ.डी. पर सालाना ७% से कम ब्याज (प्रतिफल) मिलता है इसलिए इस प्रकारकी योजनाए पाच सालसे समयके बैंक एफ.डी. के लिए सबसे अच्छा विकल्प मानी जाती है. इस योजना में आप एफ.डी. जैसा एकमुश्त निवेश कर सकते हो या आर.डी. जैसा हर महिना एस.आय.पि. के माध्यमसे भी निवेश कर सकते हो. अगर आप थोड़ी जोखिम (रिस्क) लेना चाहते हो तो ऐसी योजना आपकेलिए निवेश का बेहतरीन विकल्प है. इस विभाग (Categories) के योजनओंसे पिछले २०-२२ सालोंमे सालाना १९ से २२% का प्रतिफल निवेशकों मिला है.

Large Cap Schemes (लार्ज कॅप योजनाए):
ऐसे योजनओंका पैसा जादातर जिन कपनियोंका बड़ा कारोबार है ऐसे बड़ी कम्पनिओंके शेअर्स में निवेश किया जाता है. जैसे की स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया, एच.डी.एफ.सी., मारुती मोटर्स, टाटा मोटर्स, इन्फोसिस, सन फार्मा, डॉ रेड्डीज, आदी बड़े कंपनियां. इस प्रकारके योजनओंमें जमा पूंजी के कमसे कम ८०% रकम शेअर बाजारों में निवेश की जाती है जो की १००% तक बढाई जा सकती है, इसी कारन इस योजनामे शेअर बजार की जादा जोखिम (रिस्क) होती है, इसलिए तेजिके दौरान प्रतिफल भी जादा मिलता है और मंदी के दौरान नुकसान भी जादा होनेकी संभावना होती है. लेकिन अगर कोई इस प्रकारके योजना में आपको अगर एकमुश्त निवेश करना है तो लम्बे अवधिकेलिए करना चाहिए. अगर किसीने इस प्रकारकी योजना में १९९३ में रु.एक लाख का निवेश किया होता है तो आज उसका मूल्य रु.८९ लाख बन गया है. इस प्रकारके योजनासे पिछले २० सालोंसे औसत २२% का सालाना प्रतिफल प्राप्त हुआ है. इस प्रकारके योजनओंमें हर महिना एस.आय.पि. के जरिये एक तय की गई रकम लम्बे अवधिकेलिए निवेश करना बेहतर रहता है. अगर किसीने ऐसे योजनओंमें पिछले २० साल लगातार हर महिना रु.५०००/- का निवेश किया है तो उसका आजका मूल्य रु.१ करोड़ ३५ लाख से जादा बन चूका है. इस योजना में आप एफ.डी. जैसा एकमुश्त निवेश कर सकते हो या आर.डी. जैसा हर महिना एस.आय.पि. के माध्यमसे भी निवेश कर सकते हो. अगर आप थोड़ी जादा जोखिम (रिस्क) लेना चाहते हो तो ऐसी योजना आपकेलिए निवेश का बेहतरीन विकल्प है. जोखिम (रिस्क) अल्पकालिक निवेश के लिए होती है, लेकिन अगर आप लम्बे अवधिकेलिए सोचते हो तो इस प्रकारकी योजनासे आप अच्छा खांसा मुनाफा कमा सकते हो.

Diversified Multi Cap Schemes (विविध प्रकारके कम्पनिओं के निवेश किया जानेवाली मल्टी कॅप योजनाए):
ऐसे योजनओंका पैसा बड़े कारोबारी कंपनिया (Large Cap Companies), मध्यम कंपनिया (Mid cap companies) और छोटे कम्पनीयों (Small Cap companies) के शेअर्स में निवेश किया जाता है. इस प्रकारके योजनओंमें जमा पूंजी के कमसे कम ८०% रकम शेअर बाजारों में निवेश की जाती है जो की १००% तक बढाई जा सकती है, इसी कारन इस योजनामे शेअर बजार की जादा जोखिम (रिस्क) होती है, इसलिए तेजिके दौरान प्रतिफल भी जादा मिलता है और मंदी के दौरान नुकसान भी जादा होनेकी संभावना होती है. लेकिन अगर कोई इस प्रकारके योजना में आपको अगर एकमुश्त निवेश करना है तो लम्बे अवधिकेलिए करना चाहिए. अगर किसीने इस प्रकारकी योजना में १९९५ में रु.एक लाख का निवेश किया होता है तो आज उसका मूल्य रु.१ करोड़ ८ लाख बन गया है. इस प्रकारके योजनासे पिछले २० सालोंसे औसत २२% का सालाना प्रतिफल प्राप्त हुआ है. इस प्रकारके योजनओं में हर महिना एस.आय.पि. के जरिये एक तय की गई रकम लम्बे अवधिकेलिए निवेश करना बेहतर रहता है. अगर किसीने ऐसे योजनओंमें पिछले २० साल लगातार हर महिना रु.५०००/- का निवेश किया है तो उसका आजका मूल्य रु.२ करोड़ से जादा बन चूका है. इस योजना में आप एफ.डी. जैसा एकमुश्त निवेश कर सकते हो या आर.डी. जैसा हर महिना एस.आय.पि. के माध्यमसे भी निवेश कर सकते हो. अगर आप थोड़ी जादा जोखिम (रिस्क) लेना चाहते हो तो ऐसी योजना आपकेलिए निवेश का बेहतरीन विकल्प है. जोखिम (रिस्क) अल्पकालिक निवेश के लिए होती है, लेकिन अगर आप लम्बे अवधिकेलिए सोचते हो तो इस प्रकारकी योजनासे आप अच्छा खांसा मुनाफा कमा सकते हो.

Mid Cap Schemes (मिड कॅप योजनाए):
ऐसे योजनओंका पैसा जादातर मध्यम कंपनिया (Mid cap companies) के शेअर्स में निवेश किया जाता है. इस प्रकारके योजनओंमें जमा पूंजी के कमसे कम ८०% रकम शेअर बाजारों में निवेश की जाती है जो की १००% तक बढाई जा सकती है, मिड कॅप शेअरों में बहुत जादा चढाव और उतार होते है इसी कारन इस योजनामे शेअर बजार की बहुत जादा जोखिम (रिस्क) होती है, इसलिए तेजिके दौरान प्रतिफल भी जादा मिलता है और मंदी के दौरान नुकसान भी जादा होनेकी संभावना होती है. लेकिन अगर कोई इस प्रकारके योजना में आपको अगर एकमुश्त निवेश करना है तो लम्बे अवधिकेलिए करना चाहिए. अगर किसीने इस प्रकारकी योजना में १९९५ में रु.एक लाख का निवेश किया होता है तो आज उसका मूल्य रु.१ करोड़ 10 लाख से जादा बन गया है. इस प्रकारके योजनासे पिछले २० सालोंसे औसत २४ से ३०% का सालाना प्रतिफल प्राप्त हुआ है. इस प्रकारके योजनओंमें हर महिना एस.आय.पि. के जरिये एक तय की गई रकम लम्बे अवधिकेलिए निवेश करना बेहतर रहता है. अगर किसीने ऐसे योजनओंमें पिछले २० साल लगातार हर महिना रु.५०००/- का निवेश किया है तो उसका आजका मूल्य रु.२ करोड़ २० लाख से जादा बन चूका है. इस योजना में आप एफ.डी. जैसा एकमुश्त निवेश कर सकते हो या आर.डी. जैसा हर महिना एस.आय.पि. के माध्यमसे भी निवेश कर सकते हो. अगर आप थोड़ी जादा जोखिम (रिस्क) लेना चाहते हो तो ऐसी योजना आपकेलिए निवेश का बेहतरीन विकल्प है. जोखिम (रिस्क) जादातर अल्पकालिक निवेश के लिए होती है, लेकिन अगर आप लम्बे अवधिकेलिए सोचते हो तो इस प्रकारकी योजनासे आप अच्छा खांसा मुनाफा कमा सकते हो.

Small Cap Schemes (स्मालकैप योजनाए):
ऐसे योजनओंका पैसा जादातर छोटे कम्पनीयों (Small Cap companies) के शेअर्स में निवेश किया जाता है. इस प्रकारके योजनओंमें जमा पूंजी के कमसे कम ८०% रकम शेअर बाजारों में निवेश की जाती है जो की १००% तक बढाई जा सकती है, इसी कारन इस योजनामे शेअर बजार की जादा जोखिम (रिस्क) होती है, शेअरों में बहुत जादा चढाव और उतार होते है इसी कारन इस योजनामे शेअर बजार की बहुत जादा जोखिम (रिस्क) होती है, इसलिए तेजिके दौरान प्रतिफल भी जादा मिलता है और मंदी के दौरान नुकसान भी जादा होनेकी संभावना होती है. लेकिन अगर कोई इस प्रकारके योजना में आपको अगर एकमुश्त निवेश करना है तो लम्बे अवधिकेलिए करना चाहिए. इस प्रकारके योजनासे पिछले ५ सालोंसे औसत ३५% का सालाना प्रतिफल प्राप्त हुआ है. इस प्रकारके योजनओंमें हर महिना एस.आय.पि. के जरिये एक तय की गई रकम लम्बे अवधिकेलिए निवेश करना बेहतर रहता है. अगर किसीने ऐसे योजनओंमें पिछले ५ साल लगातार हर महिना रु.५०००/- का निवेश किया है तो उसका आजका मूल्य रु.७ से जादा बन चूका है. इस योजना में आप एफ.डी. जैसा एकमुश्त निवेश कर सकते हो या आर.डी. जैसा हर महिना एस.आय.पि. के माध्यमसे भी निवेश कर सकते हो. अगर आप थोड़ी जादा जोखिम (रिस्क) लेना चाहते हो तो ऐसी योजना आपकेलिए निवेश का बेहतरीन विकल्प है. इस प्रकारके योजना में बहुतही जादा जोखिम (रिस्क) रहती है इसलिए ऐसे निवेशपर नियमित रूपसे ध्यान रखना जरुरी होता है.
Tax Savings Schemes u/s 80-C of Income Tax (कर बचत योजनाए):
इस प्रकारकी योजनामे किया गया निवेश रु.१५००००/- तक सालाना आयकर धारा ८०-सी तहत कर बचत के लिए मान्यता प्राप्त है. इस प्रकारके योजना का निवेश जादातर मल्टी कैप योजना के तरह बड़े आकर के कंपनिया (Large Cap Companies), मध्यम कंपनिया (Mid cap companies) और छोटे कम्पनीयों (Small Cap companies) के शेअर्स में निवेश किया जाता है. इस प्रकारके योजनओंमें जमा पूंजी के कमसे कम ८०% रकम शेअर बाजारों में निवेश की जाती है जो की १००% तक बढाई जा सकती है, इसी कारन इस योजनामे शेअर बजार की जादा जोखिम (रिस्क) होती है, इसलिए तेजिके दौरान प्रतिफल भी जादा मिलता है और मंदी के दौरान नुकसान भी जादा होनेकी संभावना होती है. लेकिन अगर कोई इस प्रकारके योजना में आपको अगर एकमुश्त निवेश करना है तो लम्बे अवधिकेलिए करना चाहिए. अगर किसीने इस प्रकारकी योजना में १९९५ में रु.एक लाख का निवेश किया होता है तो आज उसका मूल्य रु.१ करोड़ ३५ लाख बन गया है. इस प्रकारके योजनासे पिछले २० सालोंसे औसत २२ से २७% तक का सालाना प्रतिफल प्राप्त हुआ है. इस प्रकारके योजनओंमें हर महिना एस.आय.पि. के जरिये एक तय की गई रकम लम्बे अवधिकेलिए निवेश करना बेहतर रहता है. अगर किसीने ऐसे योजनओंमें पिछले २० साल लगातार हर महिना रु.५०००/- का निवेश किया है तो उसका आजका मूल्य रु.२ करोड़ ४० लाख से जादा बन चूका है. इस योजना में आप एफ.डी. जैसा एकमुश्त निवेश कर सकते हो या आर.डी. जैसा हर महिना एस.आय.पि. के माध्यमसे भी निवेश कर सकते हो. अगर आप थोड़ी जादा जोखिम (रिस्क) लेना चाहते हो तो ऐसी योजना आपकेलिए निवेश का बेहतरीन विकल्प है. जोखिम (रिस्क) अल्पकालिक निवेश के लिए होती है, लेकिन अगर आप लम्बे अवधिकेलिए सोचते हो तो इस प्रकारकी योजनासे आप अच्छा खांसा मुनाफा कमा सकते हो.

इक्विटी स्कीम्स में इसके अलावा क्षेत्रीय योजनाए, थीमेटिक योजनाए, ऐसी विविध प्रकारकी योजनाए होती है, लेकिन ऐसे योजनामे निवेश करने हेतु निवेशक को शेअर बजार की जानकारी होना जरुरी है और इन योजनओंके कामगिरिपर आपको नियमित रूपसे ध्यान देनेकी जरुरत होती है, इसलिए अगर आपको इस बारेमे जानकारी न हो तो ऐसे योजनामे निवेश ना करना बेहतर होगा.

डेब्ट योजनाए

अपना पैसा सरकारी रोखे (बांड्स), डिबेंचर्स, कम्पनीके व्दारा जारी किये गए रोखे (बांड्स) और बैंक व्दारा जारी किये गए सर्टिफिकेटस ऑफ़ पेपर्स में निवेश करती है. इन्हें डेब्ट सिक्युरिटीजभी कहा जाता है, इसपर सुनिश्चित दरसे ब्याज की प्राप्ति होती है. ऐसे योजनामे सालाना ७% से 10% का आय प्राप्त होनेकी संभावना, योजना के स्वरूप के अनुसार, होती है. ऐसे योजना में बहुतही कम जोखिम (रिस्क) रहती है. इसमें —

लिक्विड स्कीम्स:

अल्पकालिक निवेश के लिए यह योजना बेहतरीन मानी जाती है, इस योजना में दो दिनसे कितनेभी समयके लिए निवेश किया जा सकता है, ऐसे योजनासे आपको सालाना ७% का प्रतिफल मिल सकता है. यह योजना सेव्हिंग्ज बैंक खाते के लिए अच्छा विकल्प है.

शोर्टटर्म बांड योजना:

माध्यम अवधि यानि की १ साल या अधिक समय के लिए यह योजना बेहतरीन मानी जाती है, ऐसे योजनासे आपको सालाना ८ से ८.५०% का प्रतिफल मिल सकता है. यह योजना १ से १.५ सालके बैंक एफ.डी. के लिए अच्छा विकल्प है.

कोर्पोरेट बांड फंड/ डायनामिक बांड फंड योजना:

यह योजना २.५ सालके बैंक एफ.डी. के लिए अच्छा विकल्प है. ऐसे योजनासे आपको सालाना ९% का प्रतिफल मिल सकता है.

म्युचुअल फंडमें आप ग्रोथ ऑप्शन का चयन कर सकते हो या डिव्हीडंड ऑप्शन का भी चयन कर सकते हो. ग्रोथ ऑप्शन में आपके निवेश का मूल्य बजार के परिस्थितिके अनुसार बदलता रहता है और डिव्हीडंड ऑप्शन में आपको योजना में जभी डिव्हीडंड दिया जाता है तो आपके बैंक खाते उसे जमा किया जाता है. कई प्रकारके योजनामे आजकल हर महिना डिव्हीडंड दिया जाता है. डिव्हीडंड ऑप्शन में आपको नियमित रूपसे अपने निवेशपर इंकम मिलाता रहता है और मूल निवेश में भी लम्बे अवधि में वृद्धी भी हो जाती है. अगर आप थोड़ी जोखिम (रिस्क) लेना चाहते हो तो ऐसी योजना आपकेलिए निवेश का बेहतरीन विकल्प है. इस प्रकारके योजना में इक्विटी, अर्ब्रित्राज और डेब्ट का संतुलन हर रोज बजार के परिस्थितिके अनुसार किया जाता है, जिससे जोखिम (रिस्क) कम हो जाती है.

इसके आलावा अनेक योजना डेब्ट प्रकारमे होती है.

हमारे तरफसे म्युचुअल फंड की कोईभी योजना में निवेश करने हेतु आवश्यक फोरम्स डाउनलोड करने के लिए निचे दिए लिंक पर क्लिक करे:

नीचे दिये हुये फॉर्म किसीभी म्युचुअल फंड के किसीभी योजनामे निवेश करनेमे उपयुक्त होते है. एक फॉर्म के जरिये कोई भी ५ योजना में निवेश करने हेतु एक ही चेक से निवेश किया जा सकता है.

Letter in Hindi with forms

CRF-Individual

PayEezz-Mandate

CTF-SIP

CTF-Purchase

अगर आप इनमेसे कोईभी प्रकारके योजनामे निवेश करने हेतु आप ऊपर दिए हुए लिंक पर क्लिक करके फॉर्म अपने संगणकपर उतार लेना, उनकी प्रिंट निकाले, उसके बाद के.वाय.सी. फॉर्म पर अपना एक फोटो चिपकाकर उसपर अपनी दस्तखत कर लेना, और सभी फॉर्मस पर जहाभी XX मार्क किया है वहापे अपनी दस्तखत कर लेना, इस फॉर्म के साथ अपना PAN कार्ड और आधार कार्ड की नकल जोड़ना (नकलपर अपनी दस्तखत करना जरुरी है), साथ में आपको जीतनी रकम एकमुश्त निवेश करनी हो या जितनी रकम आप हर महिना एस.आय.पि. के जरिए निवेश करना चाहते हो उतने रकम का चेक MFU Escrow Account इस नामसे लिखकर जोड़ दीजिये. एकमुश्त निवेश और एस.आय.पि. के लिए अलग अलग चेक की जरुरत होती है, इसलिए अगर आपको एकमुश्त निवेश और एस.आय.पि एक साथ करना है तो दो अलग चेक देना. अब ये सारे कागजात हमें इस पत्रिका के निचे जो हमारा पताह दिया है उसपर पोस्ट या कुरिअर से भेज देना बाकि कार्यवाही हम कर लेंगे और आपको हमारा मोबाईल अॅप डाउनलोड करनेकी जानकारी मेलसे भेजेंगे उससे आप आपके निवेशका मूल्य कभीभी कहिसेभी देख सकते हो, और आपको इसके बाद जादा निवेश करना, पैसा निवेश करना हो, या पैसा निकलना हो या नई एस.आय.पि. शुरू करना हो तो आप सबी ऑनलाइन करने के लिए भी हम आपको सुविधा देते है, एक दफा हमारे तरफ से निवेश करने के बाद आपका रजिस्ट्रेशन किया जाता है और आप सभी तरहके कारोबार अपने मोबाईलसे या कम्प्युटरसे कभीभी करनेकी सुविधा हम आपको प्रदान करते है. इसके आलावा हम आपको निवेश के लिए भी सहायता करते है.

ऊपर बताए हुए सारे कागजात हमें मिलनेके बाद हम आपको फोन करके किस स्किम में निवेश करना है इस बारेमे चर्चा करेंगे और बादमे निवेश करेंगे. चाहे तो फॉर्म भेजनेके बाद आप हमें फोन कर सकते हो मगर कागजात भेजनेसे पहले फोन करनेका कष्ट न करे.

हमारे बारेमे:
हमें इस क्षेत्रका पिछले २० सालका अनुभव है. मै, सदानंद ठाकुर, B.Com. १९७८ में डिग्री हासिल की है. हमने मार्केट की सभी दशाए अनेको बार अवलोकन की है. मेरा पुत्र जिसने B.Com., MBA Finance की डिग्री प्राप्त की है मुझे इस कार्य में मदत करता है. वैसेही मेरे बेटेकी बीवी जिसने B.Com., C.S. (Company Secretary) की डिग्री प्राप्त की है और अभी LL.B. कर रही है, मुझे इस कार्य में मदत करता हूँ. हम निवेशकों को निवेश का सही रास्ता दिखाते है. म्युचुअल फंड और शेअर बजार की जानकारी हेतु हमारे निवेशकों को हररोज एक मेसेज Whatsapp पर भेजते है, और अगर कोई योजना का प्रदर्शन कुछ कारन हेतु ख़राब होने लगता है तो हम उस बारेमे हमारा सलाह Whatsapp पर जब जरुरत हो तो ही भेजते है. बाकि फालतू मेसेज हम नहीं भेजते है. इसके आलावा अगर किसी वजहसे शेअर मार्केट में मंदी आने की संभावना हमें मालूम होती है तो हम इसकी जाकारी Whatsapp पर भेजते है, इसकी संभावना बहुत कम रहती है क्यों की मार्केट के बारेमे कभी किसीके अंदाज हर बार खरे नहीं उतारते है. मंदी के लिए कुछ न कुछ वजह होती है अगर वह हमें पता चले तो ही हम इस बारेमे आपको सूचित कर सकेंगे लेकिन इसकी कोई गारंटी हम नहीं देते है. आपके निवेशपर कितना प्रतिफल मिलेगा इसकी हम कोई गारंटी नहीं देते है, ये सब शेअर मार्केटपर निर्भय करता है.

हमारे तरफसे मिलनी वाली सेवा और सुविधाओं

१) हम MF Utility India Pvt. Ltd. के साथ जुड़े हुए है, यह एक ऑनलाइन कार्यप्रणाली है, जिसके जरिए एक दफा रजिस्ट्रेशन करनेके बाद आप कभीभी और कहीसे भी ऑनलाइन, पेपरलेस कारोबार कर सकते हो.
२) MF Utility India Pvt. Ltd. यह ऑनलाइन कार्यप्रणाली AMFI (Association of Mutual Funds of India) जो की सेबी और म्युचुअल फंड कंपनियां के बिचमें माध्यम का काम करती है, और प्रमुख सारे म्युचुअल फंड कंपनियां इन्होने निवेशकों के सुविधा के लिए स्तापित की गई एक कार्यप्रणाली है.
३) आपको एक Common Account No. (CAN) मिलता है, जिससे आप म्युचुअल फंड की किसीभी योजनामे ऑनलाइन निवेश कर सकते हो, या हमें फोनपर सूचना देकर भी आप निवेश कर सकते हो, इसकेलिए कोईभी कागजात की जरुरत नहीं होती है.
४) अगर आप हमें फोन करके कोई कारोबार करनेकी सूचना देते हो तो हमारे ऑफिस से आपके तरफसे रिक्वेस्ट ऑनलाइन डाली जाती है और आपको आपके मोबाईल पर एक मेसेज प्राप्त हो जाती है, वैसेही आपको एक मेल प्राप्त होगी जिसमे एक लिंक होगी आपको उसपर क्लिक करके उस रिक्वेस्ट को २४ घंटे के अन्दर स्वीकार करना होगा और उसके बाद आपकी रिक्वेस्ट प्रोसेस हो जाएगी.
५) हम हमारे निवेशकों को दो तरह के मोबाईल एप प्रदान करते है.
• एक मोबाईल एप के जरिए आप अपने निवेश का मूल्य कभीभी और कहिसेभी देख सकते हो.
• दुसरे मोबाईल एप के जरिए आप कभीभी ऑनलाइन कारोबार कर सकते हो. जिसमे सामिल है, कोईभी म्युचुअल फंड योजना में निवेश कर सकते हो, अगर जरुरत हो तो अपना निवेश का पैसा निकाल सकते हो, नया एस.आय.पि. शुरू कर सकते हो, एक योजनासे उसी फंड की दूसरी योजनामे आपका पैसा वर्ग कर सकते हो, एस.डब्ल्यू.पि. या एस.टी.पि. रजिस्टर कर सकते हो.
६) निवेश करने के बाद हम आपको लॉग इन के लिए यूजर आयडी और पासवर्ड मेलसे भेजते है.
७) आवश्यकता के नुसार हम आपको Whatsapp के माध्यम से सलाह देते है.
८) चाहिए तो हम आपको सभी फॉर्म पोस्ट तथा कुरिअरसे भेज देते है.
९) हम आपसे हमारे सलाह की कोई फी नहीं लेते है, हमें म्युचुअल फंड कम्पनी से जो कमीशन मिलता है उसमे हम संतुस्ट है.