म्युचुअल फंड मे निवेश का लाभ:

पेशेवर व्यवस्थापन

म्युचुअल फंड के हर एक परियोजना के निवेश का व्यवस्थापन करने के लिए पेशेवर व्यक्ति की (फंड मनेजर) नियुक्ति की जाती है| यह व्यक्ति के निचे बहोत सारे टेकनिकल और फंडामेंटल अनालिस्ट काम करते है, जो मार्केट का रिसर्च करते है और आपना रिपोर्ट पेशेवर व्यवस्थापक को सौपते है जिसके आधार पर फंड मैनेजर आपना निवेश का फैसला लेता है| इसके जरिए निवेश का एक पोर्टफोलियो बन जाता है, जिसमे विभिन्न प्रकारके सिक्युरिटीज का समूह बन जाता है, जो की विभिन्न प्रकारके शेअर्स, बोंड्स, मनी मार्केट इंस्ट्रूमेंट्स आदि का, योजना के अनुसार, हो सकता है| इसकी वजहसे बाजार की जोखिम विभाजित हो जानेसे कम हो जाती है| और ऐसी सेवा आपको बहुत कम फी में मिल जाती है, अगर आपको यह सेवा अकेले लेनेकी इच्छा हो तो उसके लिए आपको काफी जादा फी देनी पड़ लगती थी|

फंड का स्वामित्व अधिकार

एक निवेशक होने के वजहसे जिस परियोजना में आप निवेश करते हो उस योजना की यूनिट्स याने (शेअर्स) प्राप्त हो जाती है और परियोजना में जितने भी कुल यूनिट्स होते है उसके अनुपात में आपका उस योजना में स्वामित्व बन जाता है| चाहे आप कम या जादा पैसो का निवेश करते हो, आप जैसे बहुत सरे लोगोंका पैसा इकट्ठा होनेकी वजहसे आपके पैसे विभिन्न प्रकारके निवेश के साधनों में निवेश किये जाते है, जिसका आपको लाभ मिलता है|

जोखिमों का विविधिकरण

म्युचुअल फंड में निवेश करके आप के पैसेका विभिन्न निवेश साधनों में, जसे की शेअर्स, बांड्स, आदि विविध साधनों में होने की वजहसे जोखिमों का विविधिकरण हो जाता है| इसके वजहसे अगर उसमेसे कुछ साधनों के कीमतों कम या जादा होने की आपको चिंता करनेकी जरुरत नही होती है|

विभिन्न प्रकारकी परियोजना

म्युचुअल फंड में विभिन्न प्रकारकी परियोजनाए उपलब्ध होती है उसमे से कही में जादा जोखिम होती है तो कही में कम होती है, कही में शियर बाजार के चढाव उतार का परिणाम होता है तो कही में शेअर बाजार का जोखिम कम या बिलकुल ही नही होता है, आप जैसी जोखिम लेना चाहते हो वैसे परियोजना का निवेश के लिए चयन करने का आपको हक़ होता है| एक ध्यान में रखिये की म्युचुअल फंड के योजना में जितनी जादा जोखिम होती है उतना ही जादा लाभ होने की संभावना होती है और जितनी कम जोखिम उतना ही कम लाभ का अवसर होता है| इक्विटी योजना में जोखिम जादा होती है मगर लाभ भी जादा ही मिलता है| एक ध्यान में रखिये की जब आप इक्विटी योजना में निवेश करते हो तो आप उसमे हमेशा हर महिना निवेश लम्बे समय तक करते रहते है तो जादा लाभ मिलनेका अवसर उतनाही बढ़ जाता है| कम समय में नफा या नुकसान कुछ भी हो सकता है मगर अगर आप १५ से २० साल हर महिना एस.आय.पि. के माध्यम से निवेश करते हो तो बहुत अच्छा लाभ आप अपने निवेश पर जरुर कमा सकते हो|