जादा तर लोग जब बाजार मे तेजी होती है और बाजार उपरी स्तर पर होता है तब निवेश करते है.  इस समय बाजार मे बहुतांशी शेअर्स सही मे महंगे होते है.  हर बड़ी तेजी के बाद, अर्थशास्त्र के नियम के अनुसार, बाजार मे मंदी आती है, तब ऐसे निवेशकों के निवेश का मूल्य घाटेमे आ जाता है और इस प्रकारके निवेशक निराश हो जाते है और सारा दोष अपने नशीब या तो बाजार को दे देते है.

इसके अलावे अपना निवेश सूची बनाते समय जादातर निवेशक गलती कर बैठते है, इसमें अहम् गलती यह होती है कि वह लोग अपने निवेश सूची मे बहुत सारे योजनाए या शेअर्स खरीदते है, जिसे मॅनेज करना या उसमे औसत करना उन्हें बादमे जटिल हो जाता है.  इसी वजह से ही म्युचुअल फंड मे लम्बे अवधि के लिए गिने चुने कुछ योजनाओं मे एस.आय.पी. के जरिए निवेश करना बेहतर होता है.  आप के निवेश का व्यवस्थापन पेशावर फंड मॅनेजर्स करते है.